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एलआईसी की नई आधार शिला योजना नं. 844 (महिलाओं के लिए)

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एलआईसी आधार शिला योजना


एलआईसी की आधार शिला योजना एक गारंटीड रिटर्न एंडोमेंट योजना है, और ये मार्केट से जुडी हुई योजना नहीं है। यह जीवन बीमा योजना लाभ के साथ के है, अर्थात इसमें आपको बोनस की सुविधा का लाभ दिया जाता है।
 
प्रारंभ तिथि टेबल नं. प्रोडक्ट टाइप बोनस यूआईएन
24th April, 2017 844 एंडोमेंट हाँ 512N309V01
 




एलआईसी की आधार शिला योजना आपको एक ही समय पर सुरक्षा के साथ बचत भी प्रदान करती है। इसे ख़ासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाया गया है, जिनके पास (यूआईडीएआई) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा दिया गया आधार कार्ड उपलब्ध है। यह योजना परिप्कवता से पहले आपकी दुर्भाग्यपुर्ण अनुपस्थिति में आपके परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, और अगर आप पूरे पालिसी अवधि तक जीवित रहती हैं तो आपको परिपक्वता पर एक लम्प सम राशि का भुगतान करती है।
 

एलआईसी आधार शिला योजना के लाभ

1) मृत्यु लाभ:
 

अ) अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी प्रारंभ होने के पहले 5 वर्ष में होती है तो,
उसे मृत्यु पर मिलनेवाले लाभ का भुगतान किया जाता है।

ब) अगर पालिसी धारक की मृत्यु, पालिसी शुरू होने के 5 वर्ष बाद लेकिन मैचुरिटी(परिपक्वता) से पहले होती है, तो उसके नॉमिनी को मृत्यु पर मिलनेवाला बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स(अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है।

यहाँ पर मृत्यु पर मिलनेवाले बीमित रकम का अर्थ है, निम्नलिखित में से अधिकतम:
  • वार्षिक प्रीमियम का 10 गुणा या
  • मूल बीमित रकम का 110%

COMPARE THIS PLAN WITH OTHER ENDOWMENT PLANS


मृत्यु लाभ, मृत्यु तक भरे हुए कुल प्रीमियम के 105% से कम नहीं होना चाहिए

2) मैचुरिटी लाभ:

अगर पालिसी धारक पूरे पालिसी अवधि तक जीवित रहती है और उसने अपने सारे बकाया प्रीमियम का भुगतान किया है, तो उसे मैचुरिटी(परिप्कवता) पर मिलनेवाले बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स(अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है। 
यहाँ पर मैचुरिटी पर मिलनेवाला बीमित रकम का अर्थ मूल बीमित रकम होता है.


3) लॉयल्टी एडिसन्स:

अगर आप पालिसी में 5 वर्ष तक बने रहते हैं, और आपने सारे प्रीमियम्स का भुगतान किया है, तो इस योजना के तहत आपकी पालिसी अवधि के दौरान मृत्यु होने पर या मैचुरिटी पर, लॉयल्टी एडिसन पाने के योग्य होते हैं। आपको मिलनेवाले लॉयल्टी एडिसन के दर की घोषणा एलआईसी द्वारा की जाती है। अगर आपकी पालिसी पेड - अप पालिसी में बदल चुकी है, तो आपको उतने ही पालिसी अवधि का लॉयल्टी एडिसन मिलेगा जितनी अवधि तक आप पालिसी में बने हुए थे।
 

एलआईसी आधार शिला योजना के तहत योग्यता की शर्तें तथा प्रतिबन्ध:

 
 

न्यूनतम

अधिकतम

बीमित रकम(Rs)

75,000

3,00,000

पालिसी अवधि (वर्ष में)

10

20

प्रीमियम भुगतान की अवधि(वर्ष)

चुने गए पालिसी अवधि तक

पालिसी धारक की प्रवेश आयु(वर्ष)

08

55

मैचुरिटी पर आयु(वर्ष में)

-

70

पेमेंट भुगतान मोड

वार्षिक, अर्ध वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक

 


एलआईसी आधार शिला योजना के तहत अन्य शर्तें


रिवाइवल(पुनर्जीवन): ऐसी पालिसी जो बंद हो गई है, और पेड अप पर चल रही है, उसको फिर से रिवाइव(पुनर्जीवित) किया जा सकता है। पर इसे पुनर्जीवित आखिरी भरे हुए प्रीमियम से दो साल के भीतर  ही किया जा सकता है। इसके लिए बकाया प्रीमियम के साथ उसपर लगे हुए ब्याज का भी भुगतान करना होता है।

ग्रेस(अतिरिक्त) समय: नियमित रूप से तय तारीख पर प्रीमियम का भुगतान आवश्यक है। अगर किसी कारणवश तय तारीख पर आप प्रीमियम का भुगतान नहीं कर सके, तो एलआईसी द्वारा आपको प्रीमियम के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है। यह समय 30 दिन और 15 दिन का होता है। 30 दिन का अतिरिक्त समय उनको दिया जाता है जो वार्षिक, छमाही या तिमाही तौर पर प्रीमियम का भुगतान करते हैं।
15 दिन का अतिरिक्त समय उनको दिया जाता है जो मासिक तौर पर प्रीमियम का भुगतान करते हैं।

पेड अप मुल्य : अगर ग्रेस(रियायती) समय में भी प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो पालिसी बंद हो जाती है। अगर कम से कम तीन वर्षों के प्रीमियम का भुगतान किया गया है, तो तो पालिसी, पेड अप पालिसी में बदल जाती है। इस पेड अप पालिसी में मिलनेवाली राशि के भुगतान की गणना इस प्रकार है, बीमित रकम को भुगतान की गई प्रीमियम और वास्तविक देय प्रीमियम के अनुपात से कम किया जाता है। इस गणना से जो रकम मिलती है उसमें जमा हुआ बोनस भी जोड़ा जाता है। पेड अप पालिसी में भविष्य में मिलनेवाला बोनस नहीं जोड़ा जाता है। और इस पेड अप रकम का भुगतान एलआईसी द्वारा मैचुरिटी(परिपक्वता) या मृत्यु पर किया जाता है। 
 
सरेंडर(समर्पण) मुल्य: अगर पालिसी धारक चाहे  तो पालिसी सरेंडर कर सकता है, और सरेंडर मुल्य प्राप्त कर सकता है। लेकिन सरेंडर मुल्य तभी लागू होती है जब आपने पालिसी के तहत पहले तीन वर्ष का प्रीमियम भरा है। पालिसी सरेंडर करने पर गारंटीड सरेंडर वैल्यू और स्पेशल सरेंडर वैल्यू में से जो भी अधिक है उसका भुगतान किया जाता है। इसकी गणना इस प्रकार की जाती है।

गारंटीड सरेंडर वैल्यू = (कुल प्रीमियम भुगतान का 30%) - (पहले वर्ष का प्रीमियम)
स्पेशल सरेंडर वैल्यू = इसकी गणना कंपनी द्वारा उसके भविष्य के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।


लोन: अगर आपके पालिसी ने सरेंडर मुल्य प्राप्त कर लिया है तो आप इस योजना के तहत लोन का लाभ उठा सकते हैं. इस लोन पर भरे जानेवाले ब्याज के दर की गणना निश्चित अंतराल पर एलआईसी द्वारा की जाएगी.
वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए लागू ब्याज दर 10% है

सरेंडर वैल्यू के प्रतिशत के रूप में अधिकतम लोन निम्नलिखित रूप से होगा,

जारी पॉलिसियों के लिए - 90% तक
पेड - अप पॉलिसियों के लिए - 80% तक

ब्याज के साथ बकाया किसी भी लोन की राशि, क्लेम की रकम से वसूल की जाएगी।


फ्री लुक पीरियड: अगर पालिसी धारक इस योजना से खुश नहीं है तो, वह इस योजना को खरीदने के 15 दिन के भीतर इसे रद्द कर सकता है। इस अवधि को फ्री लुक पीरियड कहा जाता है। योजना के रद्द होने के बाद आपके प्रीमियम को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वापस लौटा दिया जाता है।

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