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एलआईसी जीवन रक्षक योजना (टेबल नं. 827)

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LIC Jeevan Rakshak in English >

एलआईसी जीवन रक्षक

एलआईसी की जीवन रक्षक योजना एक पार्टिसिपेटिंग(लाभ शेयर करनेवाली) एंडोमेंट योजना है। यह एक ट्रे्डिशनल योजना है जो बोनस की सुविधा के साथ एक ही समय पर आपको सुरक्षा के साथ बचत भी प्रदान करती है।

यह काम कैसे करती है:
इस योजना के तहत आपको नियमित रूप से पूरी अवधि के लिए प्रीमियम का भुगतान करना होता है। मैच्युरिटी(परिपक्वता) पर पालिसी धारक को बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडीशन्स का भुगतान किया जाता है। अगर पालिसी अवधि के दौरान पालिसी धारक की मृत्यु होती है तो उसके नॉमिनी को “मृत्यु पर मिलनेवाले बीमित रकम” के साथ लॉयल्टी एडीशन्स(अगर कुछ है तो) का भुगतान किया जाता है। एलआईसी की दुर्घटना लाभ राइडर इस योजना को पूर्ण बनाती है।


एलआईसी जीवन रक्षक योजना की विशेषताएँ:

  • सुरक्षा और बचत के लिए यह एक पार्टीसिपेटिंग एंडोमेंट योजना है।
  • इस योजना में 5 वर्ष तक बने रहने के बाद ही आपको बोनस का लाभ(लॉयल्टी एडीशन्स के रूप में) मिलता है।
  • वार्षिक तथा छमाही तौर पर प्रीमियम भुगतान करने से आपको क्रमशः 2% तथा 1% की छूट दी जाती है।
  • 1,50,000 या उससे अधिक के बीमित रकम पर भी आपको 1.5% की छूट मिलती है।
  • यह एक गैर चिकित्सा, फिक्स्ड लाभ योजना है।
 

एलआईसी जीवन रक्षक योजना के लाभ:

मृत्यु लाभ: अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी अवधि के दौरान होती है तो, नॉमिनी को, मृत्यु पर मिलनेवाला बीमित रकम + लॉयल्टी एडीशन्स (अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी में 5 वर्ष बने रहने के बाद हुई है तो ) का भुगतान किया जाता है। यहाँ पर मृत्यु पर मिलनेवाला बीमित रकम का अर्थ, निम्नलिखित विकल्पों में जो सबसे अधिक हो,
  • मूल बीमित रकम
  • वार्षिक प्रीमियम का 10 गुणा
  • मृत्यु तक भरे गए कुल प्रीमियम का 105%

मैच्युरिटी(परिपक्वता) लाभ: अगर पालिसी धारक पूरे पालिसी अवधि तक जीवित रहता है, तो उसे मैच्युरिटी पर मूल बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिशन्स का भुगतान किया जाता है।

आयकर लाभ: आपके करयुक्त तनख्वाह से हर वर्ष जीवन बीमा के Rs. 1,50,000 तक के प्रीमियम भुगतान पर आयकर की धारा 80C के तहत छूट दी जाती है। मृत्यु लाभ तथा मैच्युरिटी लाभ भी आयकर की धारा 10(10D) के तहत करमुक्त होती है।


एलआईसी जीवन रक्षक योजना में सहभागी होने की शर्तें तथा प्रतिबन्ध:

 
  न्यूनतम अधिकतम
बीमित रकम (Rs) 75,000 2,00,000
पालिसी अवधि(वर्ष में) 10 20
प्रीमियम भुगतान की अवधि(वर्ष) पालिसी अवधि के बराबर
पालिसी धारक की प्रवेश आयु 8 55
परिपक्वता पर आयु  - 70
प्रीमियम(रु) उम्र, अवधि तथा बीमित रकम पर आधारित
भुगतान मोड मासिक(ECS), तिमाही, छमाही और वार्षिक
 

एलआईसी जीवन रक्षक योजना के नमूना प्रीमियम का चित्रण :

यहाँ पर एक स्वस्थ्य, धूम्रपान नहीं करनेवाले पुरुष जो 1,00,000 रुपए की बीमित रकम के साथ 15 वर्षों के लिए इस योजना में निवेश करता है।


 

एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट योजना की अतिरिक्त विशेषताएँ तथा लाभ:

राइडर्स - इस योजना के साथ एलआईसी की दुर्घटना लाभ राइडर उपलब्ध।
 

क्या होता है जब…


आप प्रीमियम का भुगतान रोक देते हैं - इस योजना के तहत अगर आप प्रीमियम का भुगतान रोक देते हैं, तो आपकी पालिसी बंद हो जाती है और इसके साथ ही आपको मिलनेवाले सारे लाभ भी बंद हो जाते हैं। इसके बाद भी आपके पास इस योजना को सरेंडर करके सरेंडर मुल्य प्राप्त करने का विकल्प होता है।


आप पालिसी सरेंडर करना चाहते हैं - अगर आपने 3 साल तक प्रीमियम भरा है तो  आप पालिसी को सरेंडर कर सकते है और सरेंडर मुल्य प्राप्त कर सकते है। सरेंडर करने पर गारंटीड सरेंडर मुल्य या स्पेशल सरेंडर मुल्य दोनों में से जो अधिक है वो देय होता है। इसकी गणना इस प्रकार की जाती है।

गारंटीड सरेंडर मुल्य = (गारंटीड सरेंडर मुल्य फैक्टर*कुल भरा हुआ प्रीमियम+बोनस का गारंटीड सरेंडर मुल्य फैक्टर*जमा हुआ बोनस)

स्पेशल सरेंडर मुल्य, कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर निर्भर करता है, इसकी गणना इस प्रकार है,

(पेड-अप बीमित रकम + जमा हुआ बोनस) * स्पेशल सरेंडर मुल्य फैक्टर


आप इस योजना के तहत लोन चाहते हैं - तीन साल तक प्रीमियम भरने के बाद आप इस योजना से लोन की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।


पालिसी डॉक्यूमेंट मिलने के बाद आपको लग रहा है कि, यह योजना आपके लिए सही नहीं है और आप इस योजना से हटना चाहते हैं।
पालिसी डॉक्यूमेंट मिलने के बाद आपको 15 दिन का फ्री लुक अप पीरियड मिलता है। अर्थात अगर आप पालिसी खरीदने के 15 दिन के भीतर इसे रद्द करते हैं, तो आपको भरा हुआ प्रीमियम कुछ मामूली चार्ज काटकर वापस मिल जाएगा। इसके बाद पालिसी रद्द हो जाएगी।



 
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