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एलआईसी निवेश प्लस प्लान

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एलआईसी निवेश प्लस प्लान - टेबल नं.849

एलआईसी की निवेश प्लस योजना एक सिंगल प्रीमियम यूनिट लिंक्ड प्लान है जो एक ही समय पर आपके पैसों पर अच्छी बढ़त के साथ-साथ लाइफ कवर भी प्रदान करता है। एक यूनिट लिंक्ड प्लान होने के नाते, अगर आप लम्बी अवधि तक इसमें निवेश करें तो यह बेहतरीन रिटर्न्स प्रदान करता है। जिन फंडों में आप पैसा निवेश कर रहे हैं, उनका प्रदर्शन आपके निवेश के सम्पूर्ण रिटर्न को निर्धारित करेगा। इस योजना में कर बचत भी है। आइए हम इस योजना को विस्तार से समझते हैं।
 
प्रारंभ तिथि पॉलिसी का प्रकार यूआईएन
02-Mar-2020 यूलिप 512L317V01
 

यह योजना कैसे काम करती है - एलआईसी की जीवन प्लस एक सिंगल प्रीमियम योजना है। तो आपको एक लम्पसम राशि का भुगतान करने की आवश्यकता होती है जिसे आपकी पसंद के फंड में निवेश किया जाता है। फिर आप 10 से 25 साल के बीच पॉलिसी की अवधि चुनते हैं। आप कवर की रकम के लिए 2 विकल्प चुन सकते हैं जो आप चाहते हैं। कवर की राशि निर्धारित करेगी कि आपको इस योजना में कर लाभ मिलेगा या नहीं- इसलिए विकल्प चुनते समय सावधान रहें (इसे बाद में नहीं बदला जा सकता)। जो पैसा आप देते हैं वह आपकी पसंद के फंड में निवेश किया जाता है - आपके पास चुनने के लिए 4 फंड हैं। आपके द्वारा निवेश की गई राशि और चुने गए फंड के आधार पर, आपको इन फंड्स के यूनिट(इकाई) आवंटित किए जाएंगे। इन फंडों का मूल्य एनएवी पर निर्भर करता है जो दैनिक आधार पर घोषित किए जाते हैं। इसलिए आप पहले दिन से अपने निवेश और प्रदर्शन पर नज़र रख सकते हैं। आपको कुछ गारंटीड एडिसन्स भी प्रदान किए जाएंगे, जिन्हें हम आगे बताएंगे।

नोट - इस योजना में, आपको कम से कम 5 वर्षों तक बने रहना होगा। आप 5 साल से पहले अपना निवेश वापस नहीं ले सकते।

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एलआईसी निवेश प्लस प्लान के तहत होनेवाले लाभ

मैच्योरिटी (परिपक्वता) लाभ - पॉलिसी अवधि के अंत में आपको जमा हुई फंड वैल्यू मिलेगी। एक उदाहरण के रूप में, यदि आप 53.26 रुपये की NAV के साथ किसी फंड की 1,000 इकाइयाँ रखते हैं तो उस फंड का मुल्य 10,000 x 53.26 = रु.53,260 होगा। आपके पास अधिकतम 5 वर्षों की अवधि में अपने पैसे को वापस लेने का विकल्प होगा। - इसका विवरण सेटलमेंट विकल्प के तहत किया जाएगा जिसे नीचे समझाया गया है।

मैच्योरिटी (परिपक्वता) राशि का सेटलमेंट विकल्प - आप मैच्योरिटी राशि को 5 वर्ष तक किश्तों में लेने का विकल्प चुन सकते हैं। उदहारण के लिए यदि आप सेटेलमेंट अवधि के रूप में 5 वर्ष का चुनाव करते हैं तो मैच्योरिटी पर जमा हुई यूनिट्स को 5 भागों में बांटा जाएगा और हर वर्ष आपको ⅕ यूनिट्स मिलता रहेगा और बची हुई यूनिट्स आपके फंड में निवेश होती रहेगी और फंड मैनेजमेंट चार्ज लागू होगा। इस अवधि के दौरान कोई रिस्क कवर नहीं होगा। इस अवधि के दौरान किसी भी स्विचिंग या आंशिक निकासी की अनुमति नहीं होगी।

मृत्यु लाभ:

  • जोखिम की तारीख (रिस्क कमेंस्मेंट अवधि) के बाद मृत्यु होने पर,

 

  • पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में, नॉमिनी को निम्नलिखित में से जो सबसे अधिक होगा, उसका भुगतान किया जाएगा:
  • फंड वैल्यू
  • मूल बीमित रकम में से मृत्यु के दो साल पहले तक किए गए किसी भी आंशिक निकासी को निकालकर बची हुई रकम

 

  • जोखिम की तारीख (रिस्क कमेंस्मेंट तारीख) के पहले मृत्यु होने पर - इस परिस्थिति के तहत पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में, नॉमिनी को फंड वैल्यू का भुगतान किया जाएगा।


रिस्क कमेंस्मेंट तारीख:

  • यदि पॉलिसी धारक की आयु 8 वर्ष से कम है तो - इस परिस्थिति में रिस्क शुरू होने का समय, पॉलिसी लेने के दो वर्ष बाद से या पॉलिसी धारक के 8 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, दोनों में से जो पहले हो तब से शुरू हो जाएगा।  
  • यदि पॉलिसी धारक की आयु 8 वर्ष से अधिक है तो - इस परिस्थिति में रिस्क तुरंत शुरू होगा।


गारंटीड एडिशन्स 
एलआईसी राशियों का भुगतान करेगी जिसका उपयोग यूनिट्स खरीदने के लिए किया जाएगा और वो आपके अकाउंट में जुड़ता रहेगा। गारंटीड एडिशन्स आपके वार्षिक प्रीमियम के प्रतिशत के रूप में निम्नलिखित प्रकार से दिया जाएगा। 

पॉलिसी अवधि के अंत से गारंटीड एडिशन्स
6 3%
10 4%
15 5%
20 6%
25 7%

इसका अर्थ है कि अगर आपने एकल प्रीमियम के रूप में, रु.1,00,000 का भुगतान किया है तो 6 वें वर्ष के बाद से रु. 3,000 मुल्य के युनिट्स आपके अकाउंट में जुड़ता रहेगा। आपका कुल रकम कुछ इस तरह दिखेगा,

पॉलिसी अवधि के अंत से गारंटीड एडिशन्स
6 Rs. 3,000
10 Rs. 4,000
15 Rs. 5,000
20 Rs. 6,000
25 Rs. 7,000


एलआईसी निवेश प्लस प्लान में शामिल होने की शर्तें तथा प्रतिबन्ध 

  न्यूनतम अधिकतम
मूल बीमित रकम विकल्प 1* - सिंगल प्रीमियम का 1.25 गुणा
विकल्प 2 - सिंगल प्रीमियम का 10 गुणा
प्रवेश पर आयु 90 दिन 70 वर्ष - Option1
35 वर्ष - Option2
मैच्योरिटी पर आय 18 वर्ष 85 वर्ष - Option1
50 वर्ष - Option2
पॉलिसी टर्म
विकल्प 1
विकल्प 2 (प्रवेश आयु 25 वर्ष तक)
विकल्प 2 (प्रवेश आयु 26-30)
विकल्प 2 (प्रवेश आयु 31-35)
10 वर्ष
10 वर्ष
10 वर्ष
10 वर्ष
25 वर्ष
25 वर्ष
20 वर्ष
10 वर्ष
प्रीमियम्स Rs. 1,00,000 कोई सीमा नहीं


एलआईसी निवेश प्लस प्लान की अन्य विशेषताएं

एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट राइडर - आप एक अतिरिक्त भुगतान के साथ इस राइडर को अपनी योजना में जोड़ सकते हैं। इस परिस्थिति में, दुर्घटना से मृत्यु होने पर आपके नॉमिनी को मूल बीमित रकम के साथ राइडर लाभ भी मिलेगा।

आंशिक निकासी - आप 5 वर्षों तक पॉलिसी में बने रहने के बाद किश्तों में अपने फंड्स को निकाल सकते हैं। यद्यपि आप ऐसा 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ही कर सकते हैं। आपके द्वारा निकाली गई राशि इस प्रकार निर्धारित की जाएगी:
 
पॉलिसी वर्ष फंड वैल्यू
6-10 15%
11-15 20%
16-20 25%
21-25 30%

आंशिक निकासी करने के बाद, शुरू में भुगतान किए गए एकल प्रीमियम के बराबर की राशि आपके खाते में रहनी चाहिए। एक बार जब आप आंशिक निकासी करते हैं, तो योजना की मूल बीमित राशि 2 वर्ष के लिए, आंशिक निकासी की सीमा तक कम हो जाएगी। 2 साल की अवधि के बाद, मूल बीमित रकम को बहाल किया जाएगा।

स्विचिंग - आप किसी भी समय अपने संचित धन को दूसरे फंड्स में ट्रांसफर कर सकते हैं।

प्रीमियम में अनिरंतरता - निम्नलिखित 2 परिदृश्य हैं:
  • आप 5 वर्षों के पहले ही प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर देते हैं - प्रीमियम भुगतान की अनुग्रह अवधि समाप्त होने के बाद, जो भी फंड की वैल्यू होगी वो डिस्कन्टिन्युएड (बंद) पॉलिसी फंड में चली जाएगी। आपका रिस्क कवर भी समाप्त हो जाएगा। वर्तमान नियमों के अनुसार आपको 4% की ब्याज दर का लाभ मिलता रहेगा। 0.5% का फंड मैनेजमेंट चार्ज लागू होगा और इसके अलावा अन्य कोई शुल्क नहीं होगा। पॉलिसी के 5 वर्ष पूरे होते ही फंड का भुगतान पॉलिसी धारक को कर दिया जाएगा।     
  • आप 5 वर्षों तक पॉलिसी में बने रहने के बाद प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर देते हैं - प्रीमियम के भुगतान की अनुग्रह अवधि समाप्त होने के बाद, आपके पास निम्नलिखित विकल्प हैं:
    • अपना पैसा वापस लें और पॉलिसी बंद कर दें।
    • आपकी पॉलिसी को पेड-अप में रूपांतरित करें और उसे कम की गई बीमित राशि के साथ जारी रखें। आप अपने निवेश को बाद में कभी भी निकाल सकते हैं।
    • बाक़ी प्रीमियम का भुगतान करके आप अपनी पॉलिसी को पुनर्जीवित कर जरी रख सकते हैं। यह आप योजना के बंद होने के दो साल के भीतर कर सकते हैं। 

लोन - इस योजना के तहत किसी प्रकार की कोई लोन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
सरेंडर - आप पॉलिसी में 5 वर्षों तक बने रहने के बाद कभी भी अपनी योजना को सरेंडर कर सकते हैं और फंड वैल्यू प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप 5 साल से पहले सरेंडर कर देते हैं, तो फंड डिस्कन्टिन्युएड (बंद) फंड में चला जाएगा और आप इसे 5 वर्ष के बाद वापस ले सकते हैं - इसके साथ ही आपको डिस - कॉन्टीनुअशन शुल्क भी अदा करना होगा।
ग्रेस अवधि - आपके पास मासिक भुगतान मोड के लिए 15 दिनों की छूट अवधि और प्रीमियम भुगतान के अन्य तरीकों के लिए 30 दिन की छूट अवधि है।
कर लाभ - भुगतान किए गए प्रीमियम को आयकर की धारा 80 सी के तहत कर से छूट दी गई है। कृपया ध्यान रखें कि इस छूट के लिए वार्षिक प्रीमियम जो है वो कवर राशि के 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। मैच्योरिटी और मृत्यु लाभ पर टैक्स 80 डी के तहत छूट दी जाती है।
 

एलआईसी निवेश प्लस प्लान के तहत फंड के विकल्प - 4 विकल्प हैं

आवश्यक - आपके योजना में मिलनेवाला रिटर्न पूर्णतः इस बात पर निर्भर करता है कि, आप किस प्रकार के फंड्स का चुनाव करते हैं। तो यह बहुत आवश्यक है कि, आप बड़े ‘ध्यान से इन फंड्स का चुनाव करें। अगर आप कम जोखिम वाले फंड चुनते हैं तो, आपको मिलनेवाला रिटर्न बहुत आकर्षक नहीं होगा। चूँकि आपको 5 साल या उससे अधिक के लिए निवेश करना है, तो बेहतर होगा कि आप थोड़े ज्यादा जोखिम वाले फंड्स का चुनाव करें ताकि आपको बेहतर रिटर्न का लाभ मिल सके। इन फंड्स को एलआईसी के अनुभवी फंड मैनेजर्स द्वारा मैनेज किया जाता है।

फंड का नाम  फंड कंपोजिशन  रिस्क प्रोफाइल
सरकार / सरकार गारंटीड सिक्योरिटीज / कॉर्पोरेट डेट शॉर्ट टर्म इनवेस्टमेंट जैसे मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स लिस्टेड इक्विटी शेयर
ग्रोथ 20% से 60% 0% से 40% 40% से 80% ज्यादा
बैलेंस्ड 30% से 70% 0% से 40% 30% से 70% मध्यम
सिक्योर्ड 45% से 85% 0% से 40% 15% से 55% कम मध्यम
बॉन्ड फंड 0% से 60% 0% से 40% निल कम


एलआईसी निवेश प्लस प्लान के तहत चार्ज - 

प्रीमियम एलोकेशन चार्ज - आपके द्वारा भरे गए प्रीमियम से सर्वप्रथम यह चार्ज लिया जाता है उसके बाद बचे हुए रकम से फंड्स के यूनिट्स खरीदे जाते हैं।
 
ऑफलाइन सेल ऑनलाइन सेल
3.30% 1.50%

उदाहरणार्थ अगर आपने इस योजना को ऑफलाइन माध्यम से खरीदा है और आप रु.1,00,000 निवेश कर रहे हैं तो, सर्वप्रथम इस रकम का 3.3% अर्थात रु. 3,300 प्रीमियम एलोकेशन चार्ज के रूप में काट लिया जाएगा और बची हुई रकम से (रु. 96,700) आपके चुने हुए फंड्स के यूनिट्स खरीदे जाएंगे।

मृत्यु दर - यह आपकी आयु और कवर की मात्रा पर निर्भर करेगा। यह मूल रूप से आपको लाइफ कवर प्रदान करने का चार्ज है। यह शुल्क हर महीने उन यूनिट्स की संख्या को घटाकर लिया जाता है जिन्हें आप रखते हैं। हर महीने 1/12 वार्षिक मृत्यु दर से आपके यूनिट्स की संख्या को कम करके काट लिया जाता है।

यह शुल्क सम एट रिस्क पर निर्भर करता है, जिसे इस शुल्क में कटौती की तिथि के आधार पर मूल बीमित राशि और फंड वैल्यू के बीच के अंतर के रूप में परिभाषित किया गया है। चार्ज तभी काटा जाएगा जब बेसिक सम एश्योर्ड आपके फंड वैल्यू से ज्यादा हो। सैंपल मृत्यु दर इस प्रकार हैं:
 

उम्र

25 35 45 50
चार्ज (रु.) 1.23 1.60 3.59 6.18

यहाँ दिया गया शुल्क रु. 1000 / - बीमित रकम के लिए है।

फंड मैनेजमेंट चार्ज (FMC) - फंड मूल्य का प्रति वर्ष 1.35% चार्ज लिया जाता है। यह धनराशि, एनएवी को कम करके लगाया जाता है। बंद की गई पोलिसिओं के लिए, यह यूनिट फंड का सालाना 0.5% होगा।

एक्सीडेंट बेनिफिट चार्ज - यह चार्ज तभी काटा जाता है जब आपने LIC का लिंक्ड एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट राइडर लिया हो। यह आपके जमा यूनिट्स को घटाकर प्रत्येक महीने की शुरुआत में लिया जाता है। यह एक्सीडेंटल बेनिफिट सम एश्योर्ड के 0.4 प्रति 1,000 की दर से होता है। यदि पॉलिसीधारक पुलिसकर्मी या अर्धसैनिक बलों का हिस्सा है, तो यह शुल्क प्रति 1,000 पर 0.8 होता है।

स्विचिंग चार्ज - आप हर पॉलिसी वर्ष में 4 मुफ्त स्विच कर सकते हैं। 4 फ्री वालों के बाद हर स्विच के लिए 100 रु की कटौती की जाएगी। यह शुल्क आपके द्वारा धारण इकाइयों की संख्या को घटाकर लिया जाता है।

आंशिक निकासी शुल्क - प्रत्येक आंशिक निकासी के लिए, 100 रु के शुल्क की कटौती की जाएगी। यह शुल्क आपके द्वारा धारण इकाइयों की संख्या को घटाकर किया जाता है।

डिस-कंटीन्यूएशन चार्ज - यह चार्ज तब लगाया जाएगा जब आप एलआईसी को लिखेंगे कि आप पॉलिसी सरेंडर करना चाहते हैं।
 
डिस-कंटीन्यूएशन वर्ष रु. 3,00,000 तक वार्षिक प्रीमियम वार्षिक प्रीमियम > रू. 3,00,000
1 वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 2% से कम;
अधिकतम - 3,000
वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 1% से कम;
अधिकतम - 6,000
2 वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 1.5% से कम;
अधिकतम - 2,000
वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 0.7% से कम;
अधिकतम - 5,000
3 वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 1% से कम;
अधिकतम - 1,500
वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 0.4% से कम;
अधिकतम - 4,000
4 वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 0.5% से कम;
अधिकतम - 1,000
वार्षिक प्रीमियम या फंड वैल्यू का 0.35% से कम;
अधिकतम - 2,000
5+ NIL NIL

उपरोक्त शुल्क उन इकाइयों को रद्द करके काट लिया जाएगा जो आपके पास हैं। जैसा कि आप देख सकते हैं, आपको 5 साल तक निवेश नहीं कर पाने की स्थिति में पर्याप्त राशि का भुगतान करना होगा। इसलिए सुनिश्चित करें कि खरीद के समय से आप प्रीमियम का भुगतान कम से कम 5 वर्षों तक आसानी से कर सकते हैं।

नोट: कृपया ध्यान रखें कि आपका पैसा वैसे भी 5 साल के लिए लॉक हो जाएगा और आपके पास पैसे निकालने का कोई रास्ता नहीं होगा। चूंकि यह एक सिंगल प्रीमियम योजना है और आपने पहले ही प्रीमियम का भुगतान कर दिया है, इसलिए सरेंडर रिक्वेस्ट डालकर अपने पैसे चार्ज के रूप में कटवाना कोई बुद्धिमानी नहीं है। अगर आपको पैसे की आवश्यकता है तो बेहतर होगा की 5 साल प्रतीक्षा करें और लॉक इन पीरियड के बाद अपना प्लान सरेंडर करें। इससे आपको डिस्कन्टिन्यूएशन चार्ज नहीं देना होगा। 

कर चार्ज - कर के दरों के आधार पर यह चार्ज लिया जाएगा और इसे भी आपके पास संचित यूनिट्स को घटाकर लिया जाएगा। 

इस प्रकार हमने देखा कि एलआईसी का निवेश प्लस प्लान कैसे काम करता है और इससे आपको क्या लाभ मिलते हैं। यदि आपके पास इस योजना से संबंधित कोई प्रश्न, टिप्पणी या सुझाव है तो कमेंट बॉक्स में लिखें, हमें आपकी मदद करने में खुशी होगी।

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