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एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना (टेबल नं. 816)

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एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना

एलआईसी की नई बीमा बचत योजना एक ट्रेडिशनल बचत योजना है, जो पालिसी अवधि के दौरान विशेष अवसरों पर पैसों का भुगतान कर  इस योजना को ख़ास बनाता है।

इस प्रकार यह योजना आपको बीमा कवर, बचत और कैश बैक की तरलता के साथ ट्रिपल कॉम्बो देता है। एक बार प्रीमियम भरकर आप यह प्लान खरीद सकते हैं। कंपनी अपने प्रदर्शन के आधार पर आपके पालिसी अवधि के अंत में लॉयल्टी एडीशन्स जोडती है।

एलआईसी की न्यू बीमा बचत योजना काम कैसे करता है?

पालिसी  खरीदते वक्त पालिसी धारक बीमा की रकम और पालिसी की अवधि का चुनाव करता है बीमा की रकम और आपकी उम्र के आधार पर आपको एक प्रीमियम अदा करना होगा आपके पास पालिसी की अवधि चुनने के तीन विकल्प उपलब्ध हैं, 9 वर्ष, 12 वर्ष और 15 वर्ष

इन पालिसी अवधि के सर्वाइवल (जीवन) लाभ इस प्रकार हैं,

  • 9 वर्ष की पालिसी अवधि के लिए: 3 और 6 वर्ष के अंत में  बीमित रकम का 15% देय होगा बीमित रकम का कुल 30% देय होगा
  • 12 वर्ष की पालिसी अवधि के लिए: 3, 6 और 9 वर्ष के अंत में बीमित रकम का 15% देय होगा बीमित रकम का कुल 45% देय होगा
  • 15 वर्ष की पालिसी अवधि के लिए: 3, 6, 9 और 12 वर्ष के अंत में बीमित रकम का 15% देय होगा बीमित रकम का कुल 60% देय होगा

अगर पालिसी धारक अपने पूरे पालिसी अवधि तक जीवित रहता है तो, उसके द्वारा भरा हुआ एकमुश्त(सिंगल) प्रीमियम और लॉयल्टी एडीशन्स पालिसी धारक को देय होगा इस लाभ को मैचुरिटी(परिपक्वता) लाभ कहा जाएगा

अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी अवधि के दौरान होती है तो, उसे मृत्यु लाभ इस प्रकार मिलता है

अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी अवधि के 5 साल के भीतर होती है, तो नॉमिनी को पूरा बीमित रकम दिया जाएगा भले ही उसे सर्वाइवल(जीवन) लाभ पहले ही क्यूँ न दिया गया हो

अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी अवधि के 5 साल के बाद होती है, तो नॉमिनी को पूरा बीमित रकम, लॉयल्टी एडीशन्स के साथ दिया जाएगा भले ही उसे सर्वाइवल(जीवन) लाभ पहले ही क्यूँ न दिया गया हो

यहाँ हम उदहारण के साथ आपको समझायेंगे कि एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना काम कैसे करता है:

 

उदहारण: मान लीजिए अभी जिसकी उम्र 35 वर्ष है, 12 वर्ष के लिए 5 लाख(बीमित रकम) की एक पालिसी खरीदता है इसके लिए वह Rs. 3,64,415 का एक सिंगल(एकमुश्त) प्रीमियम अदा करता है कर मिलाकर यह रकम Rs. 3,78,081 हो जाती है

 

सिनेरिओ(परिदृश्य)1: अगर अभी पालिसी अवधि के अंत तक जीवित रहता है तो,

 

चूँकि, यह 12 वर्ष की पालिसी है, तो उसे सर्वाइवल(जीवन) लाभ का भुगतान 3,6 और 9 वर्ष के अंत में इस प्रकार मिलेगा,

 
  • तीसरे पालिसी वर्ष में: बीमित रकम का 15% = Rs.5,00,000 का 15% = Rs. 75,000
  • छठें पालिसी वर्ष में: बीमित रकम का 15% = Rs. 5,00,000 का 15% = Rs. 75,000
  • नवें पालिसी वर्ष में: बीमित रकम का 15% = Rs. 5,00,000 का 15% = Rs. 75,000

इसके साथ ही, 12 वर्ष बाद जब प्लान मैच्योर(परिपक्व) हो जाता है, तो पालिसी धारक द्वारा भरा हुआ एकमुश्त प्रीमियम(Rs.3,64,415), लॉयल्टी एडीशन्स के साथ उसे वापस कर दिया जाता है

 

सिनेरिओ(परिदृश्य)2: अगर पालिसी खरीदने के 7 वर्ष बाद अभी की मृत्यु हो जाती है तो,

 

इस सिनेरिओ में, उसे सर्वाइवल(जीवन) लाभ का भुगतान इस प्रकार मिलेगा,

 
  • तीसरे पालिसी वर्ष में: बीमित रकम का 15% = Rs.5,00,000 का 15% = Rs. 75,000
  • छठें पालिसी वर्ष में: बीमित रकम का 15% = Rs. 5,00,000 का 15% = Rs. 75,000
 

अतिरिक्त रूप से, उसे 5 लाख की बीमित रकम का भुगतान किया जाएगा भले ही उसे सर्वाइवल(जीवन) लाभ का भुगतान पहले ही क्यूँ न दिया गया हो अब पालिसी ने 5 साल पूरा किया है तो, जमा हुआ लॉयल्टी एडीशन्स का भुगतान भी उसे किया जाएगा

 

एलआईसी की न्यू बीमा बचत योजना का लाभ:

 

मैच्युरिटी(परिपक्वता) लाभ: मैचुरिटी पर पालिसीधारक को उसके द्वारा भरा गया एकमुश्त प्रीमियम और जमा हुआ लॉयल्टी एडीशन्स उसे वापस दिया जाता है।(लॉयल्टी एडीशन्स हमेशा बीमा कंपनी के प्रदर्शन और उसे मिलनेवाले प्रॉफिट पर निर्भर करता है।)

 

मृत्यु लाभ: अगर पालिसीधारक की मृत्यु पालिसी अवधि के दौरान होती है, तो उसे बीमित रकम के साथ उसकी मृत्यु तक जमा लॉयल्टी एडीशन्स भी वापस दिया जाता है, भले ही उसे सर्वाइवल(जीवन) लाभ का भुगतान पहले ही क्यूँ न दिया गया हो

 

सर्वाइवल(जीवन) लाभ: पालिसी के तीसरे वर्ष से बीमित रकम के 15% का भुगतान शुरू हो जाता है और हर तीसरे वर्ष में यह भुगतान मिलता रहता है अलग अलग पालिसी अवधि में मिलनेवाले भुगतान की अवधि इस प्रकार है,

 
  • 9 वर्ष की पालिसी अवधि: तीसरे और छठें पालिसी वर्ष में
  • 12 वर्ष की पालिसी अवधि: तीसरे, छठें  और  नवें पालिसी वर्ष में
  • 15 वर्ष की पालिसी अवधि: तीसरे, छठें, नवें और बारहवें पालिसी वर्ष में
 

लॉयल्टी एडीशन्स : कंपनी अपने प्रदर्शन के आधार पर आपकी पालिसी के मैच्योर(परिपक्व) होने पर या मृत्यु होने पर लॉयल्टी एडीशन्स देती है। लेकिन इसके लिए शर्त है कि आप कम से कम 5 वर्ष योजना में बने हों।

 
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एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना में सहभागी होने की शर्तें:

 
 

कम से कम

अधिक से अधिक

प्रवेश आयु (नजदीकी जन्मदिन )

15 वर्ष

9 वर्ष की अवधि के लिए - 66 वर्ष

12 वर्ष की अवधि के लिए - 63 वर्ष

15 वर्ष की अवधि के लिए - 60 वर्ष

मैच्युरिटी आयु (नजदीकी जन्मदिन )

NA

75 वर्ष

योजना की अवधि

9,12 और 15 वर्ष

प्रीमियम भुगतान की अवधि

एकमुश्त प्रीमियम

बीमित रकम

9 वर्ष की अवधि के लिए: Rs.35,000

12 वर्ष की अवधि के लिए: Rs. 50, 000

15 वर्ष की अवधि के लिए] - Rs. 75,000

कोई सीमा नहीं है

 

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • इस योजना को खरीदने के लिए आपको सिर्फ एक बार प्रीमियम भरने की आवश्यकता है
  • मनी बैक का लाभ आपको हर तीन साल के बाद मिलता रहता है
  • कंपनी के व्यापर में प्रदर्शन के आधार पर लॉयल्टी एडीशन्स जोड़ा जाता है
  • अगर आपने इस योजना में एक वर्ष पूरा कर लिया है तो जरूरत पड़ने पर आप लोन भी ले सकते हैं. आपको मिलनेवाले इस लोन की राशि सरेंडर वैल्यू की 60 % होगी

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना में आयकर लाभ:

 

प्रीमियम भुगतान: आयकर छुट के लिय केवल वही योजनाएं उपयुक्त होती हैं जिसमें बीमित रकम भरे जानेवाले प्रीमियम से 10 गुना ज्यादा हो यह योजना इस मानदंड को पूरा नहीं करती और इसीलिए भरे जानेवाले प्रीमियम के केवल एक हिस्से पर आपको आयकर की छुट मिलती है ऊपर दिए हुए उदाहरण में, 5 लाख के कवर(बीमित रकम) के लिए Rs. 3, 64,415 प्रीमियम है तो केवल 50,000 (Rs. 5 लाख का 10%)

आयकर की धारा 80C के तहत करमुक्त होगा

 

मैच्युरिटी(परिपक्वता) लाभ: चूँकि, यहाँ पर भरा जानेवाला प्रीमियम बीमित रकम के 10% से ज्यादा है इसलिए इस योजना के तहत मिलनेवाला परिपक्वता लाभ कर योग्य होगा

 

मृत्यु क्लेम: क्लेम प्राप्त करने की कोई सीमा नहीं है नॉमिनी को मिलनेवाला पूरा क्लेम करमुक्त होगा

 

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना को सरेंडर या रद्द करना:

 

सरेंडर वैल्यू: अगर पालिसी धारक चाहे तो वह पालिसी सरेंडर कर सकता है, और सरेंडर वैल्यू(मुल्य) प्राप्त कर सकता है अगर योजना शुरू होने के पहले ही वर्ष में इसे सरेंडर किया जाता है, तो भरे हुए प्रीमियम का 70% सरेंडर मुल्य के रूप में वापस मिलता है अगर इस योजना को एक वर्ष के बाद कभी भी सरेंडर किया जाता है, तो भरे हुए प्रीमियम का 90% सरेंडर मुल्य के रूप में वापस मिलता है

 

फ्री लुक पीरियड: अगर पालिसी धारक इस योजना से खुश नहीं है तो, वह इस योजना को खरीदने के 15 दिन के भीतर इसे रद्द कर सकता है इस अवधि को फ्री लुक पीरियड कहा जाता है योजना के रद्द होने के बाद आपके प्रीमियम को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वापस लौटा दिया जाता है  

 

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना में एक्सक्लूजन(अपवाद):

 

अगर पालिसी धारक, पालिसी खरीदने के 12 महीने के भीतर आत्महत्या कर लेता है, तो भरे हुए एकमुश्त प्रीमियम का केवल 90% ही नॉमिनी को वापस मिलता है

 

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना कैसे खरीदें:

 

यह एक ऑफलाइन योजना है, जो कंपनी के बिचौलियों अर्थात एजेंट या ब्रोकर से खरीदा जा सकता है इसे कंपनी की किसी शाखा में जाकर या कंपनी के किसी अधिकारी के माध्यम से भी खरीदा जा सकता है

 

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना खरीदने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

एलआईसी की  न्यू बीमा बचत योजना खरीदने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने' की आवश्यकता होती है

 
  • योजना के प्रस्ताव का विधिवत भरा हुआ और हस्ताक्षर किया हुआ फॉर्म
  • सिंगल प्रीमियम के लिए चेक
  • पासपोर्ट आकर का फोटोग्राफ
  • वैध्य पहचान पत्र
  • वैध्य पते का सबूत
  • जन्म प्रमाण की तिथि
  • वैध्य  आय का प्रमाण

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना में क्लेम का विवरण:

 

पालिसी मैच्योर होने पर या सरेंडर करने पर क्लेम कैसे करें?

 

मैच्योरिटी क्लेम करना बहुत आसन है  मैच्योरिटी लाभ के लिए पालिसी धारक को क्लेम डिस्चार्ज फार्म भरकर, हस्ताक्षर करके उसके साथ ओरिजिनल पालिसी डॉक्यूमेंट, NEFT फार्म और अगर जन्म प्रमाण की तिथि पहले नहीं जमा की गई है, तो उसकी भी एक कॉपी, कंपनी में प्रस्तुत करना होता है

 

सरेंडर के मामले में, पालिसी धारक को लिखित रूप से कंपनी को सरेंडर मुल्य के लिए सूचित करना पड़ता है

 

मृत्यु क्लेम कैसे करें?

मृत्यु क्लेम के मामले में नॉमिनी को डिस्चार्ज फार्म भरना होता है और उसके साथ साथ उसे,

ओरिजिनल पालिसी डॉक्यूमेंट, क्लेम सेटलमेंट के लिए NEFT फार्म, नॉमिनी का पहचान पत्र, पालिसी धारक का मृत्यु प्रमाण पत्र, मृत्यु से पहले चिकित्सा उपचार, और अगर जन्म प्रमाण की तिथि पहले नहीं जमा की गई है, तो उसकी भी एक कॉपी, पुलिस के तहकीकात की रिपोर्ट, दुर्घटना की रिपोर्ट की सत्यता के लिए अखबार की कटिंग्स, रोड एक्सीडेंट के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी, पोस्टमार्टेम रिपोर्ट की आवश्यकता होती है अगर दुर्घटना या अप्राकृतिक मृत्यु हुई हो तो

 

एलआईसी न्यू बीमा बचत योजना पर अक्सर पूछे जानेवाले कुछ उपयोगी प्रश्न:

क्या इस प्लान में कोई राइडर है?

नहीं इस प्लान में कोई राइडर नहीं है

लॉयल्टी एडीशन्स की दर क्या है?

लॉयल्टी एडीशन्स, बीमा कंपनी द्वारा गारंटीड नहीं होता वो कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर निर्भर होता है

इस योजना के तहत कोई लोन के लिए कब अर्जी दे सकता है?

जैसे ही इस योजना में किसी को एक वर्ष पूरा हो जाता है, वह लोन के लिए अर्जी दे सकता है

क्या मैं इस योजना को खरीदने के बाद कभी भी इसे रद्द कर सकता हूँ?

हाँ,  आप इस योजना को खरीदने के बाद कभी भी इसे सरेंडर या रद्द कर सकते हैं पर इसपर प्राप्त हुआ लाभ कम होगा अगर आप पालिसी खरीदने के 15 दिन के भीतर इसे रद्द करते हैं, तो आपको भरा हुआ प्रीमियम कुछ मामूली चार्ज काटकर वापस मिल जाएगा अगर आप इस योजना को 15 दिन के बाद और एक वर्ष के भीतर रद्द करते हैं तो, आपको भरे हुए सिंगल प्रीमियम का 70% गारंटीड सरेंडर वैल्यू के रूप में वापस मिल जाएगा एक वर्ष पूरे होने के बाद कभी भी पालिसी रद्द या सरेंडर करेने पर भरे हुए प्रीमियम का 90% वापस मिल जाएगा

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