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एलआईसी न्यू जीवन निधि योजना (टेबल नं. 818)

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LIC New Jeevan Nidhi in English >

एलआईसी न्यू जीवन निधि योजना




एलआईसी की न्यू जीवन निधि योजना बोनस के साथ एक डिफर्ड एन्यूटी  योजना है। यह मार्केट के साथ जुडी हुई पेंशन योजना नहीं है। लम्बे जीवन के जोखिम को कवर करने के लिए इस योजना में निवेश किया जाता है, और इसलिए उस जोखिम को कवर करने के लिए इस योजना में अनेक पेंशन विकल्प उपलब्ध है। वृद्धावस्था में पेंशन देने के लिए जो कोष बनाया जाता है वह (बीमित रकम + जमा हुआ गारंटीड बोनस + सिंपल रिवर्सनरी बोनस + टर्मिनल बोनस) का योग होता है। जिस उम्र में पेंशन देय होता है उसे वेस्टिंग उम्र और जिस दिन से पेंशन शुरू होती है उसे वेस्टिंग दिन कहते हैं।
 

एलआईसी न्यू जीवन निधि योजना की विशेषताएँ:   

  • बोनस लाभ के साथ डिफर्ड(स्थगित) वार्षिकी योजना।
  • पहले पाँच वर्ष तक गारंटीड लाभ उपलब्ध।
  • 6 ठे वर्ष से बोनस की सुविधा उपलब्ध।
  • वैकल्पिक कवर के रूप में दुर्घटना मृत्यु और दिव्यांगता लाभ राइडर उपलब्ध।
  • उच्च बीमित रकम पर छूट उपलब्ध।
 

एलआईसी न्यू जीवन निधि योजना में आपको मिलनेवाले लाभ:


मृत्यु लाभ: 
अगर पालिसी धारक की मृत्यु, वेस्टिंग दिन के पहले लेकिन,
  • पालिसी के 5 वर्ष के दौरान होती है: अगर मृत्यु तक सभी प्रीमियम्स का भुगतान हुआ है, तो नॉमिनी को मूल बीमित रकम + जमा हुआ गारंटीड बोनस का भुगतान लम्प-सम या वार्षिकी या दोनों के मेल से होगा।
  • पालिसी के 5 वर्ष के बाद होती है: अगर मृत्यु तक सभी प्रीमियम्स का भुगतान हुआ है, तो नॉमिनी को मूल बीमित रकम + जमा हुआ गारंटीड बोनस + सिंपल रीवर्सनरी बोनस + फाइनल एडीशन बोनस (अगर कुछ है तो) का भुगतान लम्प-सम या वार्षिकी या दोनों के मेल से होगा।

पालिसी धारक की मृत्यु, वेस्टिंग दिन के बाद होने की स्थिति में, यह पूर्ण रूप से पेंशन विकल्प चुनने पर निर्भर है।



वेस्टिंग लाभ: वेस्टिंग के समय पर आपके पास तीन विकल्प होते हैं,
  • पूरी राशि(करमुक्त) का ⅓ आप निकाल सकते हैं और बची हुई राशि से मौजूदा वार्षिकी दर पर इम्मिडिएट वार्षिकी योजना खरीद सकते हैं।
  • पूरी राशि से आप मौजूदा वार्षिकी दर पर इम्मिडिएट वार्षिकी योजना खरीद सकते हैं।
  • या फिर आप सिंगल प्रीमियम डीफर्ड वार्षिकी योजना खरीद सकते हैं।

 इम्मिडिएट वार्षिकी योजना केवल एलआईसी द्वारा खरीदा जा सकता है और उसी समय पे वेस्टिंग विकल्प भी उपलब्ध विकल्पों में से चुना जा सकता है।

आयकर लाभ: आपके करयुक्त तनख्वाह से हर वर्ष जीवन बीमा के Rs. 1,50,000 तक के प्रीमियम भुगतान पर आयकर की धारा 80C के तहत छूट दी जाती है। मैच्युरिटी लाभ के तहत मिलनेवाले ⅓ राशि भी आयकर की धारा 10(10A) के तहत करमुक्त होती है। पेंशन राशि पर आपको कर देना होता है।
 

एलआईसी जीवन रक्षक योजना में सहभागी होने की शर्तें तथा प्रतिबन्ध:

 
 

न्यूनतम

अधिकतम

मूल बीमित रकम (Rs)

नियमित प्रीमियम के लिए 1,00,000 और सिंगल प्रीमियम के लिए 1,50,000 

कोई सीमा नहीं

डीफर्ड अवधि (वर्ष में)

नियमित प्रीमियम के लिए 7 और सिंगल प्रीमियम के लिए 5

35

प्रीमियम भुगतान की अवधि(वर्ष)

सिंगल

नियमित

पालिसी धारक की प्रवेश आयु(वर्ष)

20

नियमित प्रीमियम के लिए 58 और सिंगल प्रीमियम के लिए 60

वेस्टिंग पर आयु(वर्ष)

55

65

प्रीमियम(रु)

सिंगल के लिए 10,000 और नियमित के लिए 3000

कोई सीमा नहीं

भुगतान मोड

मासिक(ECS), तिमाही, छमाही और वार्षिक

 

एलआईसी जीवन निधि योजना के नमूना प्रीमियम का चित्रण :

यहाँ पर एक स्वस्थ्य, धूम्रपान नहीं करनेवाले पुरुष(35 वर्ष) जो 1,00,000 रुपए की बीमित रकम के साथ 20 और 30 वर्षों(डीफर्ड) के लिए इस योजना में निवेश करता है।


 

एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट योजना की अतिरिक्त विशेषताएँ तथा लाभ:

राइडर्स - इस योजना के साथ एक अतिरिक्त राइडर उपलब्ध है:
दुर्घटना मृत्यु और दिव्यांगता लाभ राइडर

 

क्या होता है जब…
 

आप प्रीमियम का भुगतान रोक देते हैं - इस योजना के तहत अगर आप प्रीमियम का भुगतान रोक देते हैं, तो आपकी पालिसी बंद हो जाती है और इसके साथ ही आपको मिलनेवाले सारे लाभ भी बंद हो जाते हैं। आप अपनी बंद हुई पालिसी को आखिरी भरे हुए प्रीमियम से दो साल के भीतर फिर से रिवाइव कर सकते हैं। इसके बाद भी आपके पास इस योजना को सरेंडर करके सरेंडर मुल्य प्राप्त करने का विकल्प होता है

आप पालिसी सरेंडर करना चाहते हैं - सरेंडर करने पर इस योजना में गारंटीड सरेंडर मुल्य का विकल्प है।

सिंगल प्रीमियम योजना : इस योजना को तय समय के तहत कभी भी सरेंडर किया जा सकता है और उसके गारंटीड सरेंडर मुल्य की गणना इस प्रकार होती है,

अगर आप पालिसी शुरू होने के तीन साल के भीतर सरेंडर करते हैं तो आपको, भरे हुए सिंगल प्रीमियम के 70% का भुगतान किया जाता है। (अतिरिक्त प्रीमियम और कर काट के )

अगर आप पालिसी शुरू होने के तीन साल के बाद सरेंडर करते हैं तो आपको, भरे हुए सिंगल प्रीमियम के 90% का भुगतान किया जाता है। (अतिरिक्त प्रीमियम और कर काट के )


नियमित प्रीमियम योजना : इस योजना को तय समय के तहत कभी भी सरेंडर किया जा सकता है और उसके गारंटीड सरेंडर मुल्य की गणना इस प्रकार होती है,

तय समय के 10 वर्ष के भीतर: आप सरेंडर कर सकते हैं बशर्तें लगातार दो सालों तक आपने प्रीमियम भरा है

तय समय के 10 वर्ष या उसके बाद: आप सरेंडर कर सकते हैं बशर्तें लगातार तीन सालों तक आपने प्रीमियम भरा है

गारेंटीड सरेंडर मुल्य = %(कुल भुगतान किया हुआ प्रीमियम - कर - अतिरिक्त प्रीमियम - राइडर प्रीमियम)

और यह तय समय तथा जिस साल में पालिसी सरेंडर हुई है उस पर निर्भर करती है



आप इस योजना के तहत लोन चाहते हैं - इस योजना के तहत लोन की सुविधा उपलब्ध नहीं है
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